1993 ब्लास्ट: मुंबई पुलिस ने ऐसे सॉल्व किया था केस, 99 दोषियों को हुई सजा

1993 के बॉम्बे सीरियल ब्लास्ट केस में स्पेशल टाटा कोर्ट ने गुरुवार को डॉन अबु सलेम और करीमुल्ला शेख को उम्रकैद, जबकि ताहिर मर्चेंट और फिरोज अब्दुल राशिद खान को फांसी की सजा सुनाई। कोर्ट ने 16 जून को सलेम, रियाज शेख और मुस्तफा दौसा समेत कुल 6 को दोषी करार दिया था। फैसले के कुछ दिन बाद मुस्तफा की हार्टअटैक से मौत हो गई। बता दें कि ब्लास्ट केस की जांच के लिए मुंबई के पूर्व पुलिस कमिशनर राकेश मारिया की देखरेख में 150 से ज्यादा टीमें बनाई गई थीं। पुलिस को पहला सुराग विस्फोटक लदे एक स्कूटर से मिला था। 1994 में पुलिस ने चार्जशीट फाइल की। 22 साल तक चली सुनवाई में 600 लोगों की गवाही हुई और 100 आरोपियों को दोषी ठहराया गया। अब तक 99 लोगों को सजा सुनाई जा चुकी है। 12 मार्च, 1993 को बॉम्बे में दो घंटे के भीतर सिलसिलेवार 12 धमाके हुए थे। इनमें 257 लोगों की मौत हुई, 713 लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए थे।
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